कुलनाम | Cucurbitaceae |
लेटिन नाम | Momordica charantia Linn. |
अंग्रेजी नाम | Bitter Gourd (करेला इन इंग्लिश) |
संस्कृत | कारवेल्लक, कारवेल्ली, उग्रकांड, कटफला इत्यादि |
हिन्दी (karela in hindi) | करेला |
गुजराती | करेलो, कड़वा, बेला |
मराठी | कारलें, क्षुद्र-कारली |
पंजाबी | करेला |
अरबी | उलही मार, किसोलवर्ण |
फारसी | करेला, सिमहंग |
बंगाली | उच्छे करेला, पोटी कारक, बरामसिया |
करेला (karela) को सब्जियों के तौर पर तो सभी जानते हैं परंतु इसमें मौजूद औषधीय गुणों के बारे में बहुत कम लोगों को पता है आयुर्वेद के अनुसार शायद ही कोई दूसरी ऐसी सब्जी होगी जिसमें करेला जितने गुण होंगे
यह हरे रंग का छोटे-छोटे कांटे युक्त सब्जी है जो बेल के रूप में उत्पन्न होता है बीजों की बात करें तो इसके अंदर सफेद बीज होते हैं करेला (karela) को कच्चा ही इस्तेमाल किया जाता है स्वाद में कड़वा होने के कारण बहुत कम लोगों को इसकी सब्जी पसंद आती है लेकिन अपने औषधीय गुणों के कारण आजकल करेले (karela) का प्रयोग अनेक प्रकार के रोगों में खासकर मधुमेह में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के लिए तथा त्वचा के रोगों को दूर करने के लिए रक्तशोधक के तौर पर किया जाता है
सब्जियों की अगर बात करें तो प्याजी करेला तथा भरवा करेला खासकर भारत देश के बहुत प्रसिद्ध व्यंजन माने जाते हैं करेला (karela) के औषधीय गुणों तथा अन्य प्रकार के फायदों का वर्णन इस आर्टिकल में आगे किया गया है
करेला के औषधीय गुण (karela in hindi)
आयुर्वेदिक ग्रंथ भावप्रकाश के अनुसार करेला (karela) शीतल, मल को भेदने वाला, दस्तावर (laxative), हल्का कड़वा तथा ज्वर, पीलिया रोग, मधुमेह रोग तथा कृमि रोग का नाश करने वाला माना जाता है
आधुनिक रिसर्च के अनुसार इसमें प्रमुख रूप से विटामिन ए, बी तथा सी सहित प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं
करेला (karela) में मैग्नीशियम, मैग्नीज, जिंक, पोटैशियम, आयरन, कैरोटीन तथा beta-carotene इत्यादि बहुत ही गुणकारी तत्व मौजूद होते हैं
करेला (karela) शरीर के अंदर मौजूद विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में बहुत मददगार है रक्त का शोधन करता है करेला (karela) रस का सेवन करने के लिए इसमें काली मिर्च पाउडर तथा नींबू को मिलाया जा सकता है
इसके बीजों में 32 प्रतिशत विरेचक (laxative) तेल भी पाया जाता है
Nutritional Value of Bitter-Gourd
पोषक तत्व | प्रति 100 ग्राम |
प्रोटीन | 1 ग्राम |
एनर्जी | 17 केसीएल |
पानी | 94.03 ग्राम |
टोटल लिपिड (फैट) | 0.17 ग्राम |
फाइबर, टोटल डाइटरी | 2.8 ग्राम |
कार्बोहाइड्रेट | 3.7 ग्राम |
मैग्नीशियम | 17 मिलीग्राम |
आयरन | 0.43 मिलीग्राम |
कैल्शियम (Ca) | 19 मिलीग्राम |
सोडियम (Na) | 5 मिलीग्राम |
पोटेशियम (K) | 296 मिलीग्राम |
फास्फोरस | 31 मिलीग्राम |
मैंगनीज | 0.089 मिलीग्राम |
कॉपर | 0.034 मिलीग्राम |
जिंक | 0.8 मिलीग्राम |
थियामिन | 0.04 मिलीग्राम |
विटामिन C | 84 मिलीग्राम |
सेलेनियम | 0.2 माइक्रोग्राम |
पैंटोथैनिक एसिड | 0.212 मिलीग्राम |
नियासिन | 0.4 मिलीग्राम |
राइबोफ्लेविन | 0.04 मिलीग्राम |
विटामिन b-6 | 0.043 मिलीग्राम |
विटामिन ए | 24 माइक्रोग्राम |
फोलेट- total | 72 माइक्रोग्राम |
कैरोटीन- अल्फा | 185 माइक्रोग्राम |
विटामिन ए, आई-यू | 471 आई-यू |
कैरोटीन- बीटा | 190 माइक्रोग्राम |
लुटिन + जियाजैंथिन | 170 माइक्रोग्राम |
करेला का बाहरी स्वरूप
इसकी खेती लगभग भारत के सभी प्रांतों में की जाती है इस पौधे की लता कोमल, मृदु तथा रोमयुक्त होती है इसके पत्ते एक से 5 इंच के घेरे मे गोलाकार गहरे कटे किनारे वाले तथा पांच से सात भागों में बटे हुए होते हैं इसके फूल चमकीले पीले रंग के होते हैं
फल 1 से 5 इंच तक लंबे बीच में से मोटे दोनों तरफ नुकीले, त्रिकोण आकार, उबड़ खाबड़, कच्चे हरे तथा पकने पर पीले रंग के हो जाते हैं
करेले के फायदे (karela benefits)
करेला (karela) अनेक प्रकार के औषधीय गुणों से युक्त होता है इसका इस्तेमाल हजारों वर्षों से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में अनेक रोगों के इलाज के लिए सहायक औषध के रूप में बहुत ही सफलता पूर्वक किया जा रहा है
यह रक्त को साफ कर शुगर को नियंत्रित करता है आसानी से पच जाता है कब्जियत को दूर कर पेट को साफ करता है यह गर्मियों में मिलने वाला तासीर में शीतल पदार्थ है जो पेट की गर्मी को खत्म कर पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है इसके साथ साथ कफ को खत्म करने के लिए भी बहुत मददगार होता है
करेला (karela) के मुख्य फायदे आगे विस्तार में बताए गए हैं प्रत्येक व्यक्ति को अपने आहार में किसी न किसी रूप में जैसे करेला की सब्जी या अचार या जूस इत्यादि के रूप में इसे जरूर शामिल कर इसके औषधीय गुणों का फायदा लेना चाहिए
पाचन तंत्र को दुरुस्त करने में मददगार (करेले का उपयोग)
करेला (karela) की सब्जी तासीर में ठंडी तथा आसानी से पचने वाली होती है यह पेट में मौजूद गर्मी को बाहर निकालती है पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त करता है
- एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों के कारण शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को खत्म करके ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने में बहुत सहायक है
करेला (karela) जूस का सेवन नियमित रूप से करने से आंतों में जमी हुई गंदगी धीरे धीरे शरीर से बाहर निकल जाती है जिससे कि खाए हुए आहार के पाचन के बाद उत्पन्न हुए पोषक तत्वों को सही मात्रा में हमारी आंते अवशोषित (absorb) करने लगती हैं
इसका सबसे बड़ा फायदा यही होता है कि इससे शरीर की कोशिकाओं को आहार मे मौजूद उचित पोषण की प्राप्ति होती है
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शुगर रोगियों के लिए फायदेमंद (करेला जूस के फायदे इन डायबिटीज)
जिन शुगर रोगियों के रक्त में शर्करा का स्तर अन्य दवाइयों का सेवन करने के बावजूद भी बढ़ा हुआ रहता है ऐसे रोगियों को करेले का सेवन किसी भी रूप में करने से बहुत लाभ मिलता है (2)
- शुगर के रोगी सुबह उठकर खाली पेट 15 से 25 मिलीलीटर की मात्रा मे करेला जूस का सेवन कर सकते हैं
इसके अतिरिक्त इनको सुखाकर करेला पाउडर का निर्माण कर इस पाउडर को सुबह शाम खाना खाने से कम से कम आधा घंटा पहले आधा चम्मच हल्के गर्म पानी के साथ लेने से बढ़ा हुआ रक्त शर्करा का स्तर धीरे-धीरे नियंत्रित होने लगता है
करेले का सेवन शरीर में मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर अनेक रोगों से शरीर की रक्षा करता है
मोटापा कम करने में सहयोगी (karela benefits in weight loss)
कई लोगों के शरीर में चयापचय यानी मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया धीमा होने के कारण उनका वजन बढ़ने लगता है ऐसी स्थिति में करेला (karela) जूस में काली मिर्च तथा नींबू का रस मिलाकर सुबह खाली पेट 20 से 25 मिलीलीटर की मात्रा में कुछ दिन लगातार सेवन करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीरे-धीरे बढ़ने लगता है पाचन तंत्र मजबूत होने लगता है (3)
- करेला के इस गुण के कारण वजन घटाने में इससे बहुत मदद मिलती है
वजन कम करने के लिए इस उपाय के साथ साथ आहार-विहार तथा प्रमुख रूप से आहार में कैलरी के नियम को अपनाना भी बहुत जरूरी है
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जोड़ों के दर्द में उपयोगी (karela benefits in joint pains)
आजकल गलत खानपान तथा अस्वस्थ जीवन शैली के कारण अनेक व्यक्ति अनेक तरह के जोड़ों के दर्द से पीड़ित हैं ऐसी स्थिति में करेला (karela) का किसी भी रूप में सेवन करने से यह शरीर में मौजूद विषाक्त तत्वों (toxic elements) को मल मूत्र के जरिए शरीर से बाहर निकाल देता है, जिस कारण जोड़ों में आई हुई सूजन तथा कठोरता धीरे-धीरे कम होने लगती है
- एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होने के कारण फ्री रेडिकल से जोड़ों की रक्षा कर जोड़ों के दर्द को दूर करने में भी बहुत सहायक है
जोड़ों के दर्द में करेला (karela) के इस्तेमाल के साथ-साथ पीड़ित व्यक्ति को अपने आहार का सही सेवन तथा स्वस्थ जीवन शैली को अपनाना भी बहुत जरूरी है
त्वचा रोगों को दूर करने में सहायक (karela juice benefits in skin diseases)
करेला (karela) जूस का नियमित सेवन करने से रक्त की शुद्धि (blood purifier) होती है शरीर में जमा हुई गंदगी तथा विषैले तत्व शरीर से बाहर निकल जाते हैं जिस कारण धीरे धीरे त्वचा पर होने वाले अनेक प्रकार के रोग दूर होने लगते हैं करेला का सेवन पाचन प्रक्रिया को ठीक कर कील, मुहांसों जैसे त्वचा रोगों को ठीक करने में बहुत फायदा करता है
आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में करेले (karela) के पत्तों के लेप का इस्तेमाल चमड़ी के अनेक प्रकार के दाग-धब्बों को ठीक करने के लिए किया जाता है
आंखों के लिए फायदेमंद (karela juice benefits for eye health)
अनेक प्रकार के आंखों के रोग विटामिन ए की कमी से होते हैं करेले (karela) में विटामिन ए अच्छी मात्रा में होने के कारण इसका नियमित सेवन आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत बढ़िया है इसके इस्तेमाल से रतौंधी जैसे आंखों के रोगों को ठीक करने में बहुत सहायता मिलती है इसके लिए करेले के जूस में काली मिर्च डालकर इसका सेवन किया जा सकता है (6)
पेट के रोगों में फायदेमंद (karela juice benefits for stomach health)
करेला (karela) पचने में हल्का तथा विरेचक (laxative) गुणों के कारण अनेक प्रकार के पेट के रोगों को दूर करने में सक्षम है करेले के रस का सेवन करने से आंतों के कीड़े मर जाते हैं जिन व्यक्तियों को पेट में कृमि रोग की शिकायत है उनके लिए करेले का सेवन जूस के रूप में सबसे ज्यादा फायदेमंद है
इसके अतिरिक्त कब्जियत (constipation) जैसी पेट की समस्या में भी करेला जूस बहुत फायदेमंद है
इसके चुटकी भर पाउडर को चुटकी भर काली मिर्च के साथ मिलाकर शहद के साथ सेवन करने से भूख बढ़ती (appetizer) है तथा यकृत का स्वास्थ्य सुधरने लगता है
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हृदय रोगियों के लिए फायदेमंद (benefits of karela for heart diseases)
नियमित रूप से करेले (karela) का सेवन किसी भी रूप में करने से बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रोल कम होने लगता है रक्त में शर्करा का स्तर नियंत्रित होने लगता है जिस कारण हृदय के स्वास्थ्य पर इसका बहुत अच्छा असर पड़ता है क्योंकि जिन लोगों में कोलेस्ट्रोल बढ़ना तथा शुगर रोग की समस्या है ऐसे लोगों को भविष्य में ह्रदय रोग होने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है
करेला खाने में भले ही कड़वा हो परंतु जितने गुण इसमें होते हैं इतने किसी और सब्जी में नहीं होते इसलिए इसको अपने रोजाना के आहार में जरूर शामिल करना चाहिए
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मुंह के छालों को ठीक करने में उपयोगी
करेले के रस को मुल्तानी मिट्टी में मिला कर पेस्ट बना लें, तत्पश्चात इस पेस्ट को रुइ या उंगली की सहायता से मुंह के छालों पर दिन में दो से तीन बार लगाने से बहुत फायदा होता है अगर मुल्तानी मिट्टी ना हो तो ऐसी स्थिति में अकेले करेले के रस को ही रूही की सहायता से छालों पर लगाएं बहुत लाभ होगा
मुंह के छालों को ठीक करने के लिए करेले का रस चाक मिट्टी में मिला कर छालों पर लगाने से बहुत लाभ होता है
फैटी लीवर में उपयोगी (karela juice benefits)
हिपैटो-प्रोटेक्टिव (hepato-protective) गुणों के कारण करेले का उपयोग फैटी लीवर को ठीक करने के लिए बहुत फायदेमंद है फैटी लीवर की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों को सुबह खाली पेट 15 से 25 मिलीलीटर की मात्रा में करेले के रस का सेवन कुछ दिन नियमित रूप से जरूर करना चाहिए (7)
इसके साथ साथ आहार में वसायुक्त पदार्थ जैसे देसी घी, मक्खन, मलाई, तली भुनी चीजें, शराब आदि का परहेज करना भी जरूरी है तभी जाकर सही फायदा मिलेगा अन्यथा नहीं
मासिक धर्म संबंधित समस्याओं में
करेले के पत्तों का रस 10 से 15 मिलीलीटर की मात्रा में लेकर उसमें सोंठ, काली मिर्च तथा पिपली का चूर्ण चुटकी भर मिलाकर दिन में तीन बार पिलाने से मासिक धर्म शुद्ध होने लगता है इससे जुड़ी समस्याएं ठीक होने लगती है
करेले का उपयोग (other benefits of karela)
क्रम | करेला के लाभ | करेले के लाभों का कारण |
१. | मुहासों से दे राहत |
|
२. | कफ से देता है राहत | करेला में फॉस्फोरस होने के कारण |
३. | अस्थमा में लाभकारी | करेला रस में तुलसी का रस व् शहद मिलकर पीने से |
४. | पीलिया रोग में | अकेला करेले का रस दिन में दो बार पीने से पीलिया ठीक हो जाता है |
५. | मुह के छाले करे ठीक | करेले के रस को लगाने से एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण |
६. | सिरदर्द में फायदेमंद | शीतल होने के कारण |
७. | immunity बढाने में कारगर | विटामिन्स तथा खनिजो से युक्त होने के कारण |
करेला खाने के नुकसान
जिस प्रकार करेला औषधीय गुणों से भरपूर है ठीक उसी प्रकार जरूरत से ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करने पर अनेक प्रकार के नुकसान होने का खतरा भी इससे हो सकता है जैसे कि…
- करेले का जूस जरूरत से ज्यादा मात्रा में पीने से गर्भावस्था के दौरान गर्भपात होने का रिस्क बढ़ जाता है हालांकि इसके बारे में मनुष्य में अभी तक किया गया कोई ठोस वैज्ञानिक अध्ययन मौजूद नहीं है परंतु जानवरों में किए गए वैज्ञानिक अध्ययन से यह बात निकल के सामने आई है
- आधुनिक मत अनुसार स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी करेले के जूस का ज्यादा मात्रा में सेवन बच्चे की सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है इसके बारे में भी अभी कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है यह केवल मात्र डॉक्टरों के अनुभव पर आधारित बात है
जिन रोगियों की रक्त शर्करा कम हो जाती है जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं ऐसे व्यक्तियों को करेले के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि यह रक्त शर्करा के स्तर को कम करता है
पेट से संबंधित परेशानियां जैसे इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (ibs), पेट दर्द इत्यादि समस्याओं में ज्यादा मात्रा में करेले का सेवन समस्या को ओर भी बढ़ा सकता है इस बात का ध्यान रखें
भरवा करेला रेसिपी
अगर सब्जियों की बात करें तो इसमें भरवा करेले की सब्जी भारत में बहुत ही प्रसिद्ध व्यंजन है हलवाई स्टाइल में भरवा करेला बनाने की बात ही अलग है यह सब्जी खाने में बहुत ज्यादा स्वादिष्ट तथा मजेदार होती है सबसे बड़ी बात यह है कि इसके माध्यम से आप अपनी दिनचर्या में करेले के औषधीय गुणों के साथ-साथ स्वादिष्ट सब्जी का भी आनंद ले सकते हैं
भरवा करेला बनाने के लिए जरूरी सामग्री (Bharva karela recipe Ingredients)
इसके लिए नीचे लिखे सामग्री को एकत्रित करें जैसे कि…
- ढाई सौ ग्राम करेले
- 5 हरी मिर्च
- दो प्याज
- दो चम्मच मूंगफली का चुरा पाउडर
- 7 से 8 लहसुन की कलियां
- चार चम्मच बेसन
- नमक अपने स्वाद अनुसार
- 2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- एक चौथाई छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
- आधा चम्मच गरम मसाला
- 2 छोटे चम्मच धनिया पाउडर
- चार चम्मच तेल
- आधा छोटा चम्मच जीरा
- ½- छोटा चम्मच राई
- एक छोटा चम्मच गुड
- ½- छोटा चम्मच आमचूर पाउडर
- थोड़ा सा बारीक कटा हुआ धनिया
भरवा करेला बनाने की विधि (Recipe Bharwa Karela)
सबसे पहले करेले को अच्छी प्रकार से पानी से धो लीजिए उसके बाद उनका चिल्का निकाल दें
- करेले को बीच में से ध्यान से काटे नीचे का भाग जुड़ा रहने दे बीजों को बीच में से निकाल दे
- एक तपेली में नमक तथा पानी डालकर सभी करेलो को इसमें डालें तथा 5 से 6 मिनट तक गर्म करें
- तत्पश्चात गैस को बंद कर दीजिए सभी करेलो को बाहर निकाल हल्का दबाकर उनमें से पानी को बाहर निकाल दें तथा इन करेलो को एक साइड में सुरक्षित रख ले
- इसके बाद एक कढ़ाई में 4 चम्मच बेसन डालकर 5 मिनट बुनकर एक प्लेट में अलग निकाल लीजिए
अब ग्राइंडर मिक्सर में कटी हुई हरी मिर्च, कटा हुआ प्याज तथा लहसुन की कलियों को डालकर पीस लें- cont…
भरवा करेला कैसे बनाते हैं ?
इसके बाद एक कटोरी में इस पेस्ट, भुना हुआ बेसन, नमक, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, मूंगफली का चूरा, आमचूर पाउडर, गरम मसाला तथा हरा धनिया डालकर सभी को अच्छी प्रकार से मिला ले
- अब इस मसाले को ध्यान पूर्वक कटे हुए एक-एक करेले में अच्छी प्रकार से भर ले
- इसके बाद दो प्याजा को लंबा-लंबा काट ले
- अब छोटी कढ़ाई में तेल डालकर गर्म करें, गरम तेल में कटे हुए प्याज, जीरा, राई तथा मसाले वाले करेला को डालकर अच्छी प्रकार से मिलाइए
- इसके बाद हल्की आंच पर 10 से 15 मिनट के लिए इन्हें पकने दें, बीच-बीच में चम्मच की सहायता से थोड़ा इन्हें हिलाते रहे
- जब करेले अच्छी तरह से पक जाएं तो गैस को बंद कर दें
लीजिए आपका भरवा करेला हलवाई स्टाइल रेसिपी बनकर बिल्कुल तैयार हो गई है इसके बाद इनका सेवन गरम गरम परोंठो के साथ करने में बहुत मजा आता है
यह भरवा करेला हलवाई स्टाइल रेसिपी खाने में बहुत मजेदार तथा स्वादिष्ट होती है औषधीय गुणों से भरपूर है एक बहुत ही बढ़िया हेल्दी डिश है इस रेसिपी को एक बार बनाकर 2 से 3 दिन तक सुरक्षित रख सकते हैं
सामान्य पूछे जाने वाले सवाल
Q करेला का जूस पीने से क्या क्या फायदे हैं?
A करेला का जूस डायबिटीज के मरीजों के लिए वरदान है इसके नियमित सेवन से रक्त में शर्करा का स्तर नियंत्रित होता है, पाचन प्रक्रिया ठीक होती है, पेट साफ होने लगता है, लीवर के लिए बहुत बढ़िया सप्लीमेंट है तथा मोटापा कम करने में भी बहुत सहायक है
Q सुबह खाली पेट करेले का जूस पीने से क्या होता है?
A सुबह खाली पेट करेले का जूस पीने से शरीर मे रक्त की शुद्धि होती है शरीर में मौजूद विषाक्त तत्व मल मूत्र के जरिए बाहर निकल जाते हैं आयरन का स्तर सुधरने लगता है त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है
Q करेला का जूस कब पीना चाहिए?
A इस जूस को सुबह शाम दिन में दो बार या सुबह खाली पेट दिन में एक बार पिया जा सकता है यह जूस कम से कम खाने से आधे से 1 घंटे पहले पिया जाना चाहिए
Q क्या रोज करेले का जूस पीना ठीक है?
A करेले का जूस हफ्ते में दो से तीन बार पीना चाहिए, इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है शुगर के रोगी हर रोज सुबह खाली पेट 15 से 30 मिलीलीटर की मात्रा में करेले के जूस का सेवन कर सकते हैं
Q करेला का जूस पीने से क्या नुकसान हो सकता है?
A सामान्य से ज्यादा मात्रा में करेला का जूस पीने से पेट में दर्द, उल्टी, घबराहट या डायरिया की शिकायत हो सकती है जिन लोगों का रक्त शर्करा का स्तर कम रहता है उनके लिए यह जूस ओर भी हानिकारक हो सकता है
Q करेला जूस किसे नहीं पीना चाहिए?
A हाइपोग्लाइसीमिया से पीड़ित व्यक्तियों को करेला जूस का सेवन नहीं करना चाहिए, इसके अतिरिक्त पेट के रोग जैसे इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम, कोलाइटिस इत्यादि से पीड़ित व्यक्तियों को भी इस जूस का सेवन नहीं करना चाहिए
Q करेला का जूस रोजाना कितना पीना चाहिए?
A टाइप टू डायबिटीज से पीड़ित मरीज शोधकर्ताओं के अनुसार रोजाना सुबह ताजे करेले का जूस 75 ग्राम तक सेवन कर अपनी ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद हासिल कर सकते हैं
Q करेला खाने से कौन-कौन सी बीमारी दूर होती है?
A करेला का नियमित सेवन…
- शुगर को नियंत्रित करता है
- त्वचा रोगों में लाभकर है
- रक्तशोधक तथा कब्जी की समस्या को दूर करता है
- मोटापा कम करने में सहायक होता है
- जोड़ों के दर्द में भी उपयोगी माना जाता है
Q करेले की तासीर क्या है?
A आयुर्वेद के अनुसार करेला तासीर में ठंडा होता है इसीलिए गर्मियों में करेले का सेवन ज्यादा किया जाता है
Q क्या करेले से किडनी खराब होती है?
A जी नहीं, करेले का सेवन किसी भी रूप में किडनी को खराब नहीं करता यह केवल भ्रम है
Q करेला में कौन सा विटामिन पाया जाता है?
A इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन ए, विटामिन बी तथा विटामिन सी होता है इसके अलावा कैरोटीन, beta-carotene, जिंक, पोटैशियम, मैगनीज, मैग्नीशियम, आयरन तथा फ्लेवोनॉयड्स भी पाए जाते हैं इसीलिए इसका नियमित सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है
Q शुगर में कौन सा जूस फायदा करता है?
A शुगर के मरीजों को करेले का जूस अकेला या करेला जामुन मिश्रित जूस सेवन करने से रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में बहुत मदद मिलती है
Q करेला कब नहीं खाना चाहिए?
A आयुर्वेद के अनुसार रात को करेले का सेवन स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं को बढ़ा सकता है इसलिए करेला का सेवन दोपहर को करना ज्यादा अच्छा है रात को अगर करेला खाना है तो इसमें बीज निकालकर सरसों के तेल में पकाकर इसका सेवन किया जा सकता है
Q कच्चा करेला खाने से क्या होता है?
A इसका सेवन पाचन तंत्र को मजबूत करता है भूख बढ़ाता है कब्ज तथा कफ की समस्या को दूर करता है अस्थमा के लिए बहुत फायदेमंद है
Q रात में करेला खाने से क्या होता है?
A आयुर्वेद के अनुसार रात को करेले का सेवन शरीर में वात दोष को बढ़ा देता है जिससे पेट से संबंधित गैस, तेजाब, पेट दर्द जैसी परेशानियां पैदा हो सकती है
Q क्या करेला ब्लड प्रेशर बढ़ाता है?
A करेला एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होने की वजह से रक्त में कोलेस्ट्रॉल को कम करने में बहुत सहायक है इसलिए यह किसी भी प्रकार से ब्लड प्रेशर को नहीं बढ़ाता तथा भविष्य में ह्रदय रोगों से शरीर की रक्षा करता है
करेला के ऑनलाइन मिलने वाले रेडीमेड उत्पाद
२. करेला की आयुर्वेदिक टेबलेट्स-
३. Pure Nutrition Ayurvedic Karela Extract टेबलेट्स-
४. Jain करेला (Momordica Charantia/Bitter Gourd) पाउडर –
५. Zandu करेला कैप्सूल Pure Herbs for Healthy Sugar Levels and Improved Metabolism-
निष्कर्ष (karela khane ke fayde)
करेला बहुत ही प्रसिद्ध सब्जी एवं आयुर्वेदिक औषध है ज्यादातर मामलों में किसी भी रूप में चाहे सब्जी के रूप में या जूस के रूप में या करेले के पाउडर के रूप में इसका इस्तेमाल उपयुक्त मात्रा में करने से यह हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाने तथा रोगों को दूर करने में बहुत उपयोगी द्रव्य है
प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में इसको शामिल जरूर करना चाहिए, शुगर रोग से पीड़ित व्यक्तियों के लिए करेले के जूस या पाउडर का इस्तेमाल रक्त शर्करा को नियंत्रित करने के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है इसके इलावा पेट से संबंधित पाचन की समस्या तथा त्वचा के रोगों को दूर करने में, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में करेला बहुत उपयोगी है
आजकल तो करेला पाउडर ऑनलाइन भी उपलब्ध है इसके अतिरिक्त आप करेले को सुखाकर घर पर भी इसे तेयार कर सकते हैं
जहां तक करेला सेवन से होने वाले नुकसानो की बात है तो यह सिर्फ जरूरत से ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से ही होते हैं उपयुक्त मात्रा में करेले का सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है
Disclaimer (karela khane ke fayde)
इस लेख की सामग्री व्यावसायिक चिकित्सा सलाह(professional medical advice), निदान(diagnosis) या उपचार(ट्रीटमेंट) के विकल्प के रूप में नहीं है।
- चिकित्सीय स्थिति के बारे में किसी भी प्रश्न के लिए हमेशा चिकित्सीय(doctor कंसल्टेशन) सलाह लें।
उचित चिकित्सा पर्यवेक्षण(without proper medical supervision) के बिना अपने आप को, अपने बच्चे को, या किसी और का इलाज करने का प्रयास न करें।
इसे भी पढ़ें– “टाइफाइड की जांच in हिंदी”
Information Compiled- by Dr. Vishal Goyal
Bachelor in Ayurvedic Medicine and Surgery
Post Graduate in Alternative Medicine MD (AM)
Email ID- [email protected]
Owns Goyal Skin and General Hospital, Giddarbaha, Muktsar, Punjab
“karela khane ke fayde” पढने के लिए आपका धन्यवाद…
सन्दर्भ:
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4027280/– (2) करेला anti-diabetic इफेक्ट्स study
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4575961/-(3) weight loss effects of karela in rats
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/24664243/– (7) wild bitter gourd protects against alcoholic fatty liver in mice
https://www.phytojournal.com/archives/2018/vol7issue3S/PartH/SP-7-3-47-591.pdf-(6)- karela for eye health study
https://fdc.nal.usda.gov/fdc-app.html#/food-details/168393/nutrients– nutritional value of bitter-gourd स्टडी